किसानों, अल्पसंख्यकों के लिए नई योजना, 20 AIIMS को मंजूरी

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बैठक के बाद केंद्रीय कानून एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि इस बैठक में किसानों और अल्पसंख्यों के लिए कई फैसले लिए गए हैं। जिसके तहत वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी हो जाएगी। वहीं अल्पसंख्यक बहुल जिलों की संख्या 196 से बढ़ाकर 308 कर दी गई है। देशभर में 20 नये एम्स अस्पताल बनाने का भी फैसला लिया गया है।

रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि अभी तक कृषि विभाग की ओर से चलाई जाने वाली 11 योजनाओं की जगह पर केवल एक योजना ‘हरित क्रांति कृष्णोत्ति योजना’ लागू की जाएगी। ‘हरित क्रांति कृष्णोत्ति योजना’ की उन्नति के लिए केंद्र सरकार ने बजट भी बढ़ाया है। इस योजना के लिए साल 2019-2020 तक 33,273 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसके अलावा कैबिनेट ने अल्पसंखयको के लिए भी कई योजनाओं को मंजूरी दी। पहले अल्पसंख्यक बहुल जिलों की संख्या 196 थी, अब उसे बढ़ाकर 308 कर दी गई है। जबकि नवनिर्माण योजना के अन्तर्गत लखनऊ, चेन्नई और गुवाहाटी एयरपोर्ट को अपग्रेड किया जाएगा। जिसमें करीब 5000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

बीजेपी सरकार की गन्ना किसानों की योजना के अनुसार अब गन्ना क्रशिंग का 5.50 रुपए सीधा किसानों को मिलेगा। नई दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में अस्पताल बनाने को भी मंजूरी दी गई है। जिसकी लागत 95 करोड़ रुपए तक आएगी।

कैबिनेट की बैठक में देश भर के कई राज्यों में 20 नये एम्स अस्पताल बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है। जिसके परिचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इसके अलावा केंद्र और राज्यों के बीच हिस्सेदारी के आधार पर अस्पतालों में आधुनिक ब्लॉक और ट्रॉमा सेंटर के निर्माण तथा उपकरणों की खरीद तथा नई सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इस योजना के शुरू होने से लगभग 3000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
इस दौरान कारोबारी विवाद के मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए कानून में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने इंडियन पेट्रोलियम एक्‍सप्‍लोसिव्‍स सेफ्टी सर्विस (आईपीईएसएस) के नाम से पेट्रोलियम ऐंड सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पीईएसओ) के तकनीकी कैडर के तहत ग्रुप ‘ए’ सेवा के गठन एवं कैडर समीक्षा को मंजूरी दी।
इतर कोलेजियम के मुद्दे पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम न्यायपालिका और जजों का सम्मान करते हैं। ऐसा आरोप लगाना गलत है कि पिछले साल राजनीतिक मामले पर उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले की वजह से हम वहां के जज को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त नहीं कर रहे। इस मामले में फैसले करने वाले जज खेहर को हमारी ही सरकार ने CJI पद पर नियुक्त किया था, और उन्होंने अच्छा काम किया था।
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