जम्मू-कश्मीर में भाजपा – पीडीपी का गठबंधन समाप्त, महबूबा ने दिया इस्तीफा, कांग्रेस का भी समर्थन से इनकार

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भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू कश्मीर में पीडीपी से अपना समर्थन वापसी का एलान कर दिया है। समर्थन वापसी के एलान के बाद भाजपा के प्रदेश मंत्रियों ने राज्यपाल को इस्तीफा भी भेज दिया है। अब राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा। वहीं महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा की और समर्थन वापसी का एलान राम माधव ने किया। बीजेपी महासचिव राम माधव ने कहा कि उनकी पार्टी ने सभी की सहमति से यह निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने पीएम मोदी और गृहमंत्री से भी राय ली है। माधव ने कहा कि जनता के जनादेश को ध्यान में रखकर बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार चलाने का निर्णय लिया था। लेकिन ऐसी कुछ स्थितियां बनी, जिसके चलते बीजेपी को गठबंधन धर्म निभाना मुश्किल हो गया ।

आगे देखिये समर्थन वापसी के बाद भाजपा ने क्या कहा

कांग्रेस ने भी महबूबा मुफ़्ती समर्थन देने से इंकार कर दिया है। इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगभग तय माना जा रहा है।

सरकार गिरने के बाद कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आयी है, कांग्रेस ने कहा जो हुआ अच्छा के लिए हुआ इस सरकार ने कश्मीर को बर्बाद करके रख दिया।

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  • BJP- हाल ही में बीजेपी ने महबूबा के साथ मिलकर मंत्रिमंडल में फेरबदल किया था, चूकि हमारी कोशिश थी कि किसी तरह सरकार अच्छी तरह से चल सके। पर घाटी में ऐसी प्रस्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके चलते हमे समर्थन वापस लेना पड़ा।
  • बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की सहमति के बाद गठबंधन तोड़ने पर फैसला किया है।
  • जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा। राज्यपाल शासन करेंगे। हालांकि हमें रमजान को ध्यान को ध्यान में रखते हुए घाटी में एक महीने का सीजफायर विराम का ऐलान किया था। ताकि लोगों को शांति मिले। सीजफायर विराम मेरी मजबुरी नहीं थी, यह मेरा बड़ा दिल का उदाहरण था।
  • जहां तक केंद्र सरकार का सवाल है, हमने  तीन साल तक राज्य को पूरी मदद की। कई सारे योजनाएं भी लागू की गई। साथ ही शांति स्थापित करने के लिए ही रमजान महीने में सीजफायर लागू किया था, लेकिन उसमें भी शांति स्थापित नहीं हो पाई।
  • हमे कहते हुए दुख है कि  सरकार अराजक तत्वों को सम्भालने में असमर्थ रही। हालांकि हम भी उस सरकार का हिस्सा थे। जितनी लेह और लद्दाख में विकास होनी चाहिए था, उतना नहीं हुआ। इन सभी परिस्तिथियों को ध्यान में रखकर हमारी सरकार ने समर्थन वापस लेने का फैसला लिया।
  • जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद चरम पर है। आए दिन आतंकी हमले हो रहे हैं। वहीं पत्थरबाजी भी कम नहीं हो रहा है। हाल ही में एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी।
  • वहीं बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद शिवसेना ने कहा है कि अपवित्र गठबंधन को लेकर हमने पहले ही कह दिया था कि यह ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है। क्योंकि यह एंटी नेशनल गठबंधन था।
  • बैठके के बाद भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राम माधव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार से भाजपा अपना समर्थन वापस लेती हैं। भाजपा ने पिछले तीन साल तक पीडीपी को सरकार चलाने का अवसर दिया। लेकिन प्रदेश में ऐसी प्रस्थितियां बनी, जिसके चलते बीजेपी का बीडीपी से समर्थन वापस लेना पड़ा।

बता दें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आज भाजपा मुख्यालय में जम्मू कश्मीर समस्या और गठबंधन को लेकर एक बैठक का आयोजन किया था। जिसमें प्रदेश बीजेपी के सभी मंत्रियों और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया था। बैठके के दौरान पीडीपी से समर्थन वापस लेने का फैसला लिया गया। मालूम हो कि बीजेपी नेताओं से मिलने से पहले अमित शाह ने NSA अजित डोभाल से भी मुलाकात की थी।

 

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