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नीतीश युग का अवसान !

पटना: तारीख़ 24 जनवरी 2014... खचाखच भरे पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में जननायक स्व. कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह का आयोजन चल…

आखिर इस युवा पत्रकार को क्यों लिखना पड़ा ‘मीडिया में भी ओवैसी हैं, एक…

अब तक जब भी किसी मुस्लिम या दलित की मौत हुई, मीडिया ने उसे धर्म-जाति के हिसाब से ही देखा, लिखा और सबको देखने पर मजबूर किया है…

नीतीशजी यकीन मानिए आपका इतिहास किताबों में नहीं लोगों के दिलों पर लिखा…

अभय पाण्डेय: नीतीशजी बधाई हो कागजी तौर पर आपकी शराबबंदी सफल रही। उम्मीद है दहेज़ मुक्ति के क्षेत्र में भी आप नया कृतिमान गढ़ेंगे।…

विद्यालयों को विद्यालय हीं रहने दीजिए, कार्यालय मत बनाइये।

इतिहास गवाह है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बिहार के शिक्षण संस्थानों का कोई जोर नहीं। विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान, विशेष शिक्षा पद्धति…

पुणा ऊना सहारनपुर और ‘आप’ की राजनीति समझाती वरिष्ठ पत्रकार राणा यशवंत की…

शीर्षक देखकर लग रहा होगा कि तीन शहरों का ‘आप’ से क्या तुक? सही भी है. लेकिन कुछ बातें क्या बेतुकी नहीं हो सकतीं? जिसका कोई तालमेल…

अटलजी का अटलराज लिखती युवा पत्रकार मृत्युंजय की कलम…

चूँकि हर पार्टी की अपनी-अपनी नीति होती है। बीजेपी की भी है, लेकिन दांव खेलने के लिए नीति के अलावे चेहरा भी बहुत मायने रखता है।…

अद्भुत भारत की अहम कहानी है लालू की राजनीति के उत्थान और पतन की कहानी

नई दिल्ली: जिस देश में धर्म विशेष के भीतर अनेक रंग लिये उसी धर्म के मर्म हों,जिस देश की भौगोलिक बनावट के ढंग एक दूसरे से मेल नहीं…