जानिए ट्रेडमार्क, पेटेंट और कॉपीराइट में अंतर

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अगर आप बिजनसमैन है या कोई नया बिज़नस शुरू करना चाहते हैं तो आपको पेटेंट(Patent), कॉपीराइट(Copyright) और ट्रेडमार्क(Trademark) के बारे में ज़रूर जानना चाहिए । दरअसल ये तीनों बौद्धिक संपदा अधिकार (इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट) के तहत आते हैं।

वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी आर्गेनाईजेशन के अनुसार इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का मतलब है कोई भी इन्वेंशन सिंबल नाम इमेज लिटरेरी या आर्टिस्टिक वर्क जो बिज़नस के काम के लिए लिया गया हो। आईडिया आधारित क्रिएशन जैसे किताब पेंटिंग नया कंप्यूटर कोड आदि इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के तहत आते है।

इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (आईपी ) को रजिस्टर करने की प्रक्रिया में ट्रेडमार्क, पेटेंट और कॉपीराइट का इस्तेमाल होता है। ऐसे में बिज़नस में काम आने वाले इन टर्म्स को जानना Entrepreneur के लिए ख़ास तौर पर ज़रूरी है क्योंकि इनकी जानकारी के बगैर अगर आप बिज़नस करेंगे तो आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

एक इवेंटर, आर्टिस्ट, बिजनेसमैन और लेखक के तौर पर आपके पास अपनी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़े कुछ राइट्स होते हैं। इसमें कोई भी उस प्रॉपर्टी का दुरूपयोग नहीं कर सकता है। ऐसे राईट को कानून इसके लिए आपको अपने क्रिएशन को भारत सरकार के Controller General of Patents, Designs & Trade Marks  के यहाँ रजिस्टर करना ज़रूरी है।

याद रखे अगर आपको अपनी आईपी को रजिस्टर करवाना हो तो आपको देर नहीं करनी चाहिए क्योंकि अगर एक ही आईडिया के लिए दो एप्लीकेशन पहुँचती है तो उसे प्राथमिकता मिलती है जो पहले पहुंचती है। आईपी से जुड़ी ऐसी ही छोटी छोटी जानकारियां आपके काम आ सकती हैं।

Copyright

लेखक, आर्टिस्ट, कोरियोग्राफर, आर्किटेक्ट्स और अन्य क्रिएटिव प्रोफेशनल्स अपने काम को कॉपीराइट करवा सकते हैं। किसी भी आईडिया के फिजिकल फॉर्म में आने पर उसका कॉपीराइट लिया जा सकता है। उदाहरण के तौर लेखन, फोटोग्राफ्स, स्कल्पचर, कोरियोग्राफी, आर्किटेक्चरल वर्क, मूवीज और अन्य कलात्मक कामों के लिए कॉपीराइट लिया जा सकता है। कॉपीराइट लीगल एविडेंस होने के साथ-साथ आपको प्रोडक्ट की ओनरशिप भी देता है और यह जिंदगी भर के लिए वैलिड होता है। कॉपीराइट का अधिकार रचनाकार का जीवन रहने तक और इसके बाद के 70 सालों तक सुरक्षित रहता है।

निम्न प्रकार के कार्यों को कॉपीराइट द्वारा सुरक्षित किया जा सकता हैं

  1. ऑडियोविज़ुअल कार्य, जैसे TV shows, फ़िल्में और ऑनलाइन वीडियो
  2. ध्वनि रिकॉर्डिंग और संगीत रचनाएं
  3. लेखन कार्य, जैसे व्याख्यान, लेख, पुस्तकें और संगीत रचनाएं
  4. विज़ुअल कार्य, जैसे चित्रकला, पोस्टर और विज्ञापन
  5. Video game और Computer Software
  6. नाटकीय कार्य, जैसे नाटक और संगीत

 

 

Trademark

ट्रेडमार्क दरअसल वे यूनिक साइन या मार्क होते हैं जो किसी प्रोडक्ट या सर्विस की पहचान होते हैं। Entrepreneur प्रोडक्ट के ट्रेडमार्क के लिए आवेदन करते हैं जिससे की ब्रांड के नाम सिंबल, स्लोगन, डिजाईन, एयर इमेज की सुरक्षा हो सके। साथ ही दुसरे प्रोडक्ट्स से भी अंतर बना रहे। रजिस्टर्ड होने के बाद ट्रेडमार्क को एक सिंबल दिया जाता है। जिसका इस्तेमाल प्रोडक्ट पर किया जाता है। ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसे हर दस वर्ष में रिन्यू करना आवश्यक है।

Patent

इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी के लिए पेटेंट कराना जरूरी होता है। पेटेंट इन्वेंशन की सुरक्षा और ओनरशिप दोनों के लिए होता है। पेटेंट की जा सकने वाली चीज़ों में मशीनें, प्रोसेसेज, केमिकल कम्पोजीशन और किसी प्रोडक्ट के डिजाईन आदि शामिल हैं। पेटेंट करवाने से आप किसी भी वस्तु एक्सक्लूसिव राईट प्राप्त कर सकतें हैं। यह किसी और को आपके प्रोडक्ट को बनाने , इस्तेमाल करने, बेचने, और इम्पोर्ट करने से रोकता है। एक पेटेंट किसी भी इन्वेंशन के लिए 20 साल की अवधि का होता है, इसके बाद इसे आपको रिन्यू करवाना होगा।

पेटेंट मुख्यत: तीन प्रकार के होते हैं :-

  1. Utility Patent: ये Useful Process, मशीन, Product का कच्चा माल, किसी Product का कंपोजिशन या इनमें से किसी में भी सुधार को सुरक्षित करता है। उदाहरण:- फाइबर ऑप्टिक्स, कंप्यूटर हार्डवेयर, दवाइयां आदि।
  2. Design Patent: ये Product के नए, Original और Design के गैर कानूनी इस्तेमाल को रोकता है। जैसे कि किसी एथलेटिक शूज का डिजाइन, बाइक का हेलमेट या कोई कार्टून कैरेक्टर, सभी डिजाइन पेटेंट से प्रोटेक्ट किए जाते हैं।
  3. Patent: इसके जरिए नए तरीकों से तैयार की गई पेड़-पौधों की Variety को प्रोटेक्ट किया जाता है। हाइब्रिड गुलाब, सिल्वर क्वीन भुट्टा और बेटर बॉय टमाटर आदि प्लांट पेटेंट के उदाहरण हैं। यहां गौर करने वाली बात ये है कि आप किसी आविष्कार के अलग-अलग पहलुओं के लिए यूटिलिटी और डिजाइन दोनों तरह के पेटेंट फाइल कर सकते हैं अथार्थ के ही Product को दो प्रकार से पेटेंट करवा सकते हैं।

इनका नहीं किया जा सकता पेटेंट

  • प्रकृति के नियम (हवा और गुरुत्वाकर्षण)
  • नेचुरल चीजें (मिट्टी, पानी)
  • भाववाचक (Abstract) आइडिया (मैथमेटिक्स, कोई फिलॉसफी )

इनका पेटेंट किया जा सकता हैं

ऐसा आविष्कार जोः

  • अनोखा या नया हो
  • सबसे अलग (Unique): इसका मतलब है कि आविष्कार पूरी तरह से अलग होना चाहिए। उदाहरण के तौर पर, किसी दवा के किसी तत्व या आकार में बदलाव करके पेटेंट नहीं कराया जा सकता। पेटेंट हासिल करने के लिए आपका आष्किार पूरी तरह से नया होना चाहिए, जो पहले कभी नहीं बना।
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