देश ने खोया एक और लाल, सुपुर्द-ए-खाक हुए औरंगजेब

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भारतीय सेना के शहीद कश्मीरी जवान औरंगजेब को आज सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। औरंगजेब के जनाजे में काफी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान सभी की आंखों में देश के लाला के लिए गम और गुस्सा दिखा। वहीं परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। औरंगजेब के पिता का कहना है कि यदि सरकार ने बदला नहीं लिया तो 72 घंटे के अंदर वे आतंकियों से बदला लेंगे।

शहीद जवान को उनके पैतृक गांव मेंढर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया है। इसके लिए गार्ड अॉफ अॉनर देने के बाद हेलिकॉप्टर से उनके पार्थिव शरीर को मेंढर लाया गया। शहीद का शव आते ही गांव में मातम पसर गया। सभी लोग गम में डूब गए। जानकारी के मुताबिक गांव के लाल के शहीद हो जाने से मेंढर के लोगों ने इस बार ईद का त्योहार नहीं मनाया। किसी के घर में चुल्हे नहीं जले। ईद की सेवइयां भी लोगों ने नहीं खाई। गांववालों का कहना है कि केंद्र सरकार से ‘खून का बदला खून’ से ही लेना चाहिए। वहीं शहीद औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ का कहना है कि फौजी मारता है यो फिर मरता है। यदि लोग मरने के डर से अपने बच्चों को सेना में नहीं भेजेंगे तो फिर देश के लिए कौन लड़ेगा।

बता दें कि 14 जून की सुबह औरंगजेब ईद मनाने के लिए अपने राजौरी स्थित अपने गांव जा रहे थे। इसी दौरान औरंगजेब को आतंकियों ने रास्ते से अगवा कर लिया। इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। आतंकियों ने उन्हें प्राइवेट कार से उतारकर अगवा किया। औरंगजेब मूलरूप से कश्मीर के पुंछ जिले के निवासी थे। वे 44 राष्ट्रीय राइफल्स में तौनात थे। उनके पिता भी भारतीय सेना से रिटार जवान हैं। औरंगजेब का पूरा परिवार देशभक्त हैं।

14 अप्रैल की शाम कालम्पोरा से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित गुस्सु नाम के एक गांव से औरंगजेब का शव बरामद किया गया था। उनके सिर और गर्दन पर गोलियां मारी गई थीं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक शहीद जवान की हत्या से पहले उन्हें टॉर्चर भी किया गया था।

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