जान लीजिये 1 मई से SBI के कई नियम बदल जाएंगे

0 971

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। मई महीने से एसबीआई में सेविंग खाते पर मिलने वाले ब्याज के नियम बदलने वाले हैं। बैंक ने अपने डिपॉजिट और लोन की ब्याज दरें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बेंचमार्क दर से जोड़ दिया हैं। इस नए फैसले से एक लाख रुपये से ज्यादा के डिपॉजिट और लोन की ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ा गया है। मतलब साफ है कि आरबीआई के रेपो रेट में बदलाव होने पर बैंक की जमा दरों पर असर दिखेगा। इसीलिए अगले महीने से एसबीआई ने सेविंग रेट में भी बदलाव किया है।

एक मई से बदलेंगे ये नियम
  • 1 लाख रुपए तक के बैलेंस पर अब 3.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। वहीं 1 लाख से ऊपर के बैंलेस पर ब्याज की दर 3.25 फीसदी होगी। ये नई दर 1 मई 2019 से लागू होगी।
  • 1 लाख से ऊपर के सभी कैश क्रेडिट और ओवरड्राफ्ट अकाउंट को एसबीआई ने रेपो रेट से लिंक कर दिया है। हाल ही में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की थी इसी को देखते हुए बैंक ने ये कटौती की है।
  • लंबे समय से लोगों की शिकायत थी कि आरबीआई के ब्याज दर घटाने के बाद बैंकों की ब्याज दर पर इसका असर नहीं दिखता है। इसलिए एसबीआई ने ग्राहकों की शिकायत दूर होगी। बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया है कि एक लाख रुपये से कम के लोन और डिपॉजिट MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट से जुड़े रहेंगे। छोटे ग्राहकों को बाजार की उठापटक से बचाने के लिए ऐसा किया गया है।
किस तरह दरें होंगी तय

देश के सबसे बड़े बैंक ने बताया है कि मई से एक लाख रुपये से ज्यादा के सभी सेविंग बैंक डिपॉजिट और शॉर्ट-टर्म लोन आरबीआई के बेंचमार्क रेपो रेट से जोड़े जाएंगे। रेपो रेट अभी 6 फीसदी है। बैंकों को रेपो रेट पर ही आरबीआई कर्ज देता है, जबकि सेविंग बैंक की दरें रेपो रेट से 2.75 फीसदी कम होंगी। वहीं, एक लाख रुपये से ज्यादा के छोटी अवधि के लोन पर रेपो रेट से 2.25 फीसदी अधि‍क ब्याज रखा जाएगा। यह पहला मौका है जब बैंक ने बचत, छोटे लोन और डिपॉजिट रेट को सीधे रेपो रेट के साथ लिंक किया है।

Loading...

Subscribe to our newsletter
Sign up here to get the latest news delivered directly to your inbox.
You can unsubscribe at any time

Leave A Reply