लोकसभा चुनाव : जब एक सीट पर 480 उम्मीदवारों ने लड़ा था लोकसभा चुनाव

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देश भर में सबसे अधिक चर्चित लोकसभा सीट बनारस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव लड़ने की वजह से और उनके खिलाफ 101 उम्मीदवारों के नामांकन किये जाने के कारण मीडिया की सुर्ख़ियों में रहा। हालाँकि कई प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने के बाद अब बनारस से 25 उम्मीदवार ही मैदान में हैं। लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी प्रत्याशी के सामने 100 से ज्यादा उम्मीदवारों ने परचा दाखिल किया है।

आंध्र प्रदेश के नालगोंडा लोकसभा सीट पर रिकार्ड 480 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था

लोकतंत्र में चुनाव लड़ने की आजादी के कारण आंध्र प्रदेश के नालगोंडा लोकसभा सीट पर एक बार रिकार्ड 480 उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में उतरने से न केवल चुनाव आयोग के लिए नयी मुसिबत पैदा कर दी थी बल्कि इसमें सुधार के लिए उसे कई कदम उठाने को मजबूर किया था।
आन्ध्र प्रदेश के नालगोंडा सीट पर (अब तेलंगना) में 1996 के आम चुनाव में 480 उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने की वजह से मतदान के लिए बैलेट पेपर की जगह ‘बैलेट बुक’ का इस्तेमाल करना पड़ा था। इस चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के धर्म भिक्षम ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी इन्द्रसेन रेड्डी को पराजित किया था। श्री भिक्षम को कुल 282904 वोट तथा श्री रेड्डी को 205579 मत पड़े थे। कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही थी। चुनाव में 851118 वोट डाले गये थे।

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इस चुनाव के लिए कुल 537 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था जिनमें से 35 के नामांकन पत्र को खारिज कर दिया गया था जबकि 22 ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिये थे। शेष बचे 480 उम्मीदवारों में 60 महिलायें भी शामिल थी। इन प्रत्याशियों में से 306 अनुसूचित जाति के तथा 80 अनुसूचित जनजाति के थे। तीन उम्मीदवार राष्ट्रीय दलों के तथा तीन निबंधित पार्टियों के थे। शेष उम्मीदवार निर्दलीय थे। चुनाव लड़ने वाले कुल उम्मीदवारों में से 131 को 100 से कम मत मिले थे जबकि 161 प्रत्याशियों को 200 से कम मत प्राप्त हुए। इतना ही नहीं 70 उम्मीदवारों को 300 से कम वोट डाले गये। कुल 30 उम्मीदवार ऐसे थे जो 1000 से अधिक मत प्राप्त करने में कामयाब रहे। इस चुनाव में 477 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी ।

इस चुनाव के बाद कई आधार पर चुनाव लड़ने पर रोक लगायी गयी थी और जमानत की राशि को बढ़ाया गया। इस चुनाव तक लोकसभा चुनाव के लिए सामान्य उम्मीदवारों को 500 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रत्याशी को 250 रुपये जमानत की राशि जमा करनी होती थी। सामान्य श्रेणी के लिए यह राशि बढ़ाकर 25000 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए 12500 रुपये कर दी गयी।

1996 के चुनाव में कर्नाटक की बेलगाम सीट पर 456 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था

वर्ष 1996 के चुनाव में ही कर्नाटक की बेलगाम सीट पर 456 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में जनता दल के के। एस। हेमप्पा ने भाजपा के बाबा गौड़ा पाटिल को पराजित किया था। श्री हेमप्पा को 224479 वोट तथा श्री पाटिल को 153842 वोट मिले थे। कांग्रेस के के। पी। बासाप्रभु तीसरे स्थान पर रहे थे। चुनावी मैदान में उतरे 151 उम्मीदवारों को 100 से कम वोट आये थे जबकि 123 उम्मीदवारों को 200 से कम मत मिले थे। कुल 66 प्रत्याशी 300 से कम, 28 उम्मीदवार 400 से कम तथा इतने ही उम्मीदवार 500 से कम वोट पाने में सफल हुये थे । सिर्फ 30 उम्मीदवार 1000 से अधिक मत लाने में कामयाब हुये थे। इस चुनाव में अधिकतर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी थी ।

इसी चुनाव में राष्ट्रीय राजधानी के पूर्वी दिल्ली सीट से 122 उम्मीदवारों चुनाव लड़ा था जिसमें बी एल शर्मा प्रेम निर्वाचित हुये थे और कांग्रेस को दूसरा स्थान मिला था। इस चुनाव में 94 उम्मीदवारों को 100 से कम वोट मिले थे।

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