स्मार्टफ़ोन यूजर इन सरकारी मोबाइल ऐप्स के बारे में जान लीजिये…

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अक्सर हमारे स्मार्टफोन्स में ढेरों ऐप्स मौजूद होती हैं, जिन्हें हम अपनी ज़रूरत के हिसाब से अपने फोन में इंस्टाल करते हैं। इनमें से कुछ तो काम की होती हैं और कुछ केवल जगह घेरती हैं। सोशल मीडिया ऐप्स से लेकर गेम्स तक, पेमेंट ऐप्स से लेकर बैंकिंग ऐप्स तक, ये सभी मनोरंजन से लेकर हमारे रोज़मर्रा के काम तक को पूरा करने में मदद करती हैं। लोगों की इन्ही सहूलियतों के लिए कुछ प्राइवेट ऐप्स मौजूद हैं तो साथ-साथ कुछ ऐप्स ऐसी भी हैं, जो भारत सरकार ने देश के नागरिकों के हितों के लिए निकाली है।

इन ऐप्स की मदद से आप अपने कई सरकारी काम बेहद आसानी से पूरे कर सकते हैं। जिनको पहले पूरा करने के लिए आपको अपने ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ती थी या तो कई चक्कर सरकारी दफ्तरों के लगाने पड़ते थे। पर अब ऐसा नहीं है, सरकार द्वारा लॉन्च की गई इन ज़रूरी ऐप्स की मदद से हम घर बैठे ही अपने सरकारी काम निपटा सकते हैं।
आइये हम आपको बताते हैं इन ऐप्स के फायदे, जिनको आप अपने फोन में इंस्टाल करके अपने कई काम आसान बना सकते हैं।
1)  उमंग एप – श्रम मंत्रालय द्वारा जारी किया गया उमंग एप के द्वारा आप पैन और आधार नंबर का इस्तेमाल करके तमाम सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं। यह एप केंद्र, राज्‍य सरकारों और नगर निगम के अधीन काम करने वाले तमाम विभागों से जुड़े कामों को बहुत ही आसान बना देगा। यूनिफाइड मोबाइल एप्‍लीकेशन फॉर न्‍यू ऐज गवर्नेंस यानि (UMANG) एप को प्‍लेस्‍टोर से डाउनलोड कर तमाम सरकारी विभागों के 100 से ज्‍यादा काम घर बैठे अपने मोबाइल फोन से निपटा दीजिए। साथ ही नौकरी पेशा लोग उमंग एप्प के द्वारा अपने पीएफ खाते से पैसा भी निकाल सकते हैं।
2)  भीम एप – भीम एप्प हर तरह की पेमेंट से लेकर मनी ट्रांसफर तक करने वाला एक ऐसा एप है, जिससे आप अपने बैंक खाते को जोड़कर कहीं भी बैठकर किसी भी व्‍यक्ति या कंपनी को पेमेंट कर सकते हैं। भीम एप एनपीसीआई यानि नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा चलाया जाता है। BHIM एप यानि भारत इंटरफेस फॉर मनी का डेटा किसी विदेशी सर्वर पर नहीं बल्कि देश में ही पूरी तरह से सुरक्षित रहता है। भीम एप द्वारा आप पेटीएम की तरह क्‍यूआर कोड को स्‍कैन कर शॉपिंग मॉल में सीधे अपने बैंक अकाउंट से पेमेंट कर सकते हैं। यदि आपके पास इंटरनेट बैकिंग की सुविधा नहीं है, तो भी आप एलआईसी समेत कई तरह के प्रीमियम भीम एप द्वारा भर सकते हैं।
3)  डिजीलॉकर एप – आज डिजिटल के इस ज़माने में बैंक खाता खुलवाने से लेकर, एग्‍ज़ाम फॉर्म या कॉलेज की स्‍कॉलरशिप लेने तक तमाम एजुकेशनल डॉक्‍यूमेंट्स फाइल करने पड़ते हैं। इसके लिए ज़रूरी है कि हम सभी दस्तावेज व एजुकेशनल डॉक्‍यूमेंट्स मेल या ड्राइव पर रखें। अपने डॉक्‍यूमेंट्स को यूं ही कहीं भी सेव करने के बजाय अब आप सेंट्रल गर्वमेंट द्वारा जारी डिजीलॉकर एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यहां आपके पर्सनल डॉक्‍यूमेंट्स वेरीफाइड होकर पूरी तरह से सुरक्षित बने रहते हैं। इस एप को गूगल प्‍ले स्‍टोर से इंस्‍टॉल करने के बाद अपने मोबाइल नंबर पर ओटीपी के ज़रिए लॉगइन करिए और फिर अपने ऑनलाइन डॉक्‍यूमेंट्स को एप्प में अपलोड कर दीजिए। साथ ही इस एप पर आप अपने डॉक्‍यूमेंट्स को अपने आधार कार्ड से जोड़कर वेरिफाई भी करा सकते हैं। जिसके बाद आपको बार-बार उन्‍हें वेरीफाई कराने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
4)  सीबीईसी जीएसटी एप – जब से भारत में जीएसटी लागू हुआ है, तभी से लाखों करोड़ों व्‍यापारी जीएसटी के नए रूल्‍स, सिस्‍टम, कानून और टैक्‍स स्‍लैब को लेकर परेशान हैं। जीएसटी से जुड़ी इन्‍हीं सभी प्रॉब्‍लम्‍स को सॉल्‍व करने के लिए वित्‍त मंत्रालय, सीमा शुल्‍क मंत्रालय और केंद्रीय उत्‍पाद शुल्‍क द्वारा यह एप जारी किया गया है। जिस पर जीएसटी से जुड़ी हर प्रॉब्‍लम का हल मौजूद है। यदि फिर भी आपका काम न बने, तो आप एप द्वारा जीएसटी हेल्‍पडेस्‍क से भी संपर्क कर सकते हैं।
5)  एम-कवच- यदि आपने अपने स्‍मार्टफोन में कोई भी एंटीवायरस एप इंस्टाल नहीं किया है तो आपको बता दें कि कंप्‍यूटर की तरह मोबाइल में भी एंटीवायरस बहुत ज़रूरी है। इसके लिए सरकार ने भी फ्री में इंतज़ाम कर दिया है। एम-कवच मोबाइल एप्प आपके स्‍मार्टफोन को सिर्फ मालवेयर अटैक और हैकिंग से ही नहीं बचाता, बल्कि आपके पर्सनल डेटा को भी सुरक्षित रखने में मदद करता है। यदि आपका फोन खो भी जाता है, तो आप ऑनलाइन उसकी लोकेशन ट्रैक करने के साथ ही फोन की गोपनीय डेटा भी डिलीट कर सकते हैं।
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