Nobel Prize 2018 : Denis Mukwege और Nadia Murad को शांति का नोबेल पुरस्कार

90

शान्ति के नोबेल पुरस्कार का एलान कर दिया गया है। डेनिस मुकवेगे और नादिया मुराद को 2018 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन दोनों का यौन हिंसा को युद्ध के हथियार की तरह इस्तेमाल होने के खिलाफ प्रयास में बड़ा योगदान रहा है। नोबेल शांति पुरस्कार के लिए इस साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम सहित कोरियाई देशों के बीच सुलह, इथियोपिया और एरीट्रिया के बीच शुरू शांति प्रक्रिया की पहल करने वालों को भी पुरस्कार के दावेदार के तौर पर देखा जा रहा था।

नादिया मुराद युद्ध के दौरान यौन यातनाएं झेल चुकी है

नोबेल प्राइज पाने वाली नादिया मुराद भी युद्ध के दौरान यौन यातनाएं झेल चुकी है। नदिया  उत्तरी इराक की उन 3000 महिलाओं में से एक हैं जिनको ISIS के आतंकियों की यातनाये झेलनी पड़ी। नादिया मुराद उत्तरी इराक के अल्पसंख्यक यज़ीदी समुदाय से आतीं हैं।
अगस्त 2014 में ISIS ने उत्तरी इराक में यज़ीदीयों की आबादी का सफाया करने के उद्देश्य हमला किया था इस दौरान सैकड़ों लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। हमले के बाद जिन्दा बचे बच्चों और महिलाओं का अपहरण कर लिया गया और उन्हें सेक्स गुलाम बनाकर रखा गया। तीन महीने ISIS के चुंगल में कैद रहने के बाद नदिया वहां से भागने में कामयाब रही। ISIS के कैद से बाहर आने के बाद नदिया ने दुनिया के सामने अपने और उन  महिलाओं और बच्चों जिन्हे आतंकियों ने कैद कर रखा था उनके दर्द को बयां किया। उनको UN’s first Goodwill Ambassador for the Dignity of Survivors of Human Trafficking का सम्मान भी मिला।

मुकवेगे ने युद्ध में यौन हिंसा को समाप्त करने के लिए किया काम

पेशे से चिकित्सक डेनिस मुकवेगे ने अपने जीवन के बड़ा हिस्सा Democratic Republic of Congo में यौन हिंसा के पीड़ितों की मदद करने में बिताया है। मुकवेगे ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के दौरान यौन हिंसा को समाप्त करने के लिए पुरज़ोर तरीके से दुनिया के सामने आवाज़ उठाया। पीड़ितों की मदद करने वाले मुकवेज का मूल सिद्धांत था “justice is everyone’s business”।

मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार 2018

मेडिसिन के लिए साल 2018 का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से जेम्स पी. एलिसन और तासुकू होंजो को चुना गया है। दोनों को ये पुरस्कार कैंसर थेरपी की खोज के लिए मिला है। इन दोनों शख्सियत को नेगेटिव इम्यून रेग्यूलेशन के इनहिबिशन के जरिए कैंसर थेरेपी की खोज के लिए यह पुरस्कार दिए गए हैं। एलीसन और होन्जो को 10 दिसम्बर को स्टॉकहोम में एक औपचारिक समारोह में ये पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

फिजिक्स का नोबेल 2018

फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के आर्थर अश्किन, फ्रांस के जेरार्ड मोउरो और कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड के नाम की घोषणा की गई है। इन तीनों वैज्ञानिकों को लेजर फिजिक्स फील्ड में किए गए आविष्कारों के लिए इस पुरस्कार सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार में आधा भाग आर्थर अश्किन जबकि आधे भाग में से जेर्राड मौरोउ और डोना स्ट्रिकलैंड को सम्मानित किया गया है।

केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार 2018

फिजिक्स की तरह केमिस्ट्री का नोबेल भी तीन लोगों को दिया गया जिसमें फ्रांसेस एच. एरनॉल्ड, जॉर्ज पी स्मिथ और सर ग्रेग्रॉरी पी विंटर का नाम शामिल है। बता दें कि इसमें आधा भाग फ्रांसेस एच. एरनॉल्ड को और आधे भाग में से जॉर्ज पी स्मिथ और सर ग्रेग्रॉरी पी विंटर को सम्मानित किया जाएगा।

हर साल पीस, लिटरेचर, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मेडिकल साइंस और इकॉनमिक्स में नोबेल पुरस्कार दिया जाता है। नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1 अक्टूबर से हो गई थी जो 8 अक्टूबर तक चलेंगे। हालांकि, इस बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिए जाने का फैसला किया गया है। पिछले 70 साल में पहली बार ऐसा है कि साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। बता दें, डायनामाइट का आविष्‍कारक एल्फ्रेड नोबेल की याद में हर साल साहित्य नोबेल पुरस्कार पुरस्कार दिया जाता है।

Subscribe to our newsletter
Sign up here to get the latest news delivered directly to your inbox.
You can unsubscribe at any time

Leave A Reply