नहीं रहे अमर सिंह, 64 की उम्र में सिंगापूर के अस्पताल में हुआ निधन

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राज्य सभा सांसद एवं समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व महासचिव अमर सिंह का शनिवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में निधन हो गया।वह 64 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और दो पुत्री हैं। श्री सिंह किडनी की बीमारी से पीड़ित थे और छह माह से अधिक समय से सिंगापुर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

अमर सिंह का दूसरी बार किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था।  जो सफल रहा था। उनकी हालत में सुधार भी हो रहा था लेकिन संक्रमण होने से उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता चला गया। डाॅक्टरों ने श्री सिंह को बचाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन असफल रहे।
श्री सिंह के निधन से करीब तीन घंटे पहले उनके आधिकारिक टि्वटर अकाउंट से दो ट्वीट किये गये थे। उन्होंने अपने ट्वीट में देशवासियों को ईद-उल-जुहा की बधाई दी थी। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।
श्री सिंह के निधन पर राष्ट्रपति राम नाथ काेविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के अलावा अन्य राजनेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

श्री कोविंद ने ट्वीट करके कहा, “ राज्य सभा सांसद अमर सिंह के निधन के बारे में सुनकर दुःख हुआ।” उन्होंने लिखा, “बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी, श्री सिंह एक प्रतिभाशाली सांसद थे। उनके परिवार एवं सहयोगियों के प्रति मेरी शोक-संवेदनाएं।”

श्री नायडू ने श्री सिंह के निधन पर दुख जाहिर करते हुए कहा, “ राज्य सभा सांसद श्री अमर सिंह जी के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करता हूं। दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों और सहयोगियों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। ओम शांति!”

प्रधानमंत्री ने राज्य सभा सांसद के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “ अमर सिंह जी एक ऊर्जावान शख्सियत थे। पिछले कुछ दशकों में वह कई बड़े राजनीतिक बदलावों के साक्षी रहे। वह विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मित्रता के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और मित्रों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करता हूं। ओम शांति।”

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 27 जनवरी 1956 को जन्मे श्री सिंह सपा संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी रहे। उनकी बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ भी काफी घनिष्ठता रही। दोनों एक-दूसरे को परिवार का सदस्य बताते थे, हालांकि 2010 में जब सपा से श्री सिंह निकाले गए और उनके कहने पर भी जया बच्चन ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया, तो दोनों में अनबन हो गयी और दोस्ती टूट गयी।

उद्योग जगत में अनिल अंबानी और सुब्रत राय सहारा जैसे कारोबारियों के साथ भी अमर सिंह की काफी गहरी दोस्ती रही।
श्री सिंह ने 2010 में सपा महासचिव पद और राज्य सभा की सदस्याता से इस्तीफा दे दिया था। बाद में दो फरवरी 2010 को सपा प्रमुख मुलायम सिंह ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। श्री सिंह वर्ष 2016 में सपा के समर्थन से ही फिर राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए थे। इसी वर्ष अक्टूबर में उन्हें फिर सपा महासचिव बनाया गया था। सपा में वापसी से पहले करीब छह वर्षों तक श्री सिंह सक्रिय राजनीति से दूर रहे। उस समय वह गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने एक समय अपनी राजनीतिक पार्टी भी बनाई लेकिन उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक मंच के उम्मीदवारों की 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान जमानत जब्त हो गयी थी। वर्ष 2014 में श्री सिंह ने राष्ट्रीय लोक दल के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन बुरी तरह हार गए थे।

वर्ष 2008 में अमेरिका के साथ परमाणु समझौते के मुद्दे पर वामपंथी दलों ने समर्थन वापस लेकर मनमोहन सिंह सरकार को अल्पमत में ला दिया था तब श्री सिंह ने ही सपा सांसदों के अलावा कई निर्दलीय सांसदों को भी सरकार के पाले में ला खड़ा किया था।

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