जानिए कोरोना वायरस (Corona Virus) क्या है?

इस वायरस की जद में चीन के साथ- साथ दुसरे देश के नागरिक भी चपेट में आ रहे हैं। इस वायरस ने चीन को तो लगभग तोड़कर रख दिया है। लोगों की जान के साथ-साथ इससे आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

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दुनिया के शक्तिशाली देशों में शामिल चीन में इन दिनों कोरोना वायरस के चलते हाहाकार मचा हुआ है। चीन में अबतक इस खतरनाक वायरस से हज़ारों लोगोंकी मौत हो चुकी है। इस वायरस की जद में चीन के साथ- साथ दुसरे देश के नागरिक भी चपेट में आ रहे हैं। इस वायरस ने चीन को तो लगभग तोड़कर रख दिया है। लोगों की जान के साथ-साथ इससे आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

कोरोना वायरस क्या है? (What is Corona Virus?)

सार्स (SARS) वायरस परिवार का एक नया सदस्य कोरोना वायरस है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह वाइरस सी-फूड से जुड़ा है. यह माना जा रहा है कि इसकी शुरुआत चीन के हुवेई प्रांत के वुहान शहर के एक सी-फूड बाजार से हुई है।

कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सबसे पहले सांस लेने में दिक्कत, गले में दर्द, जुकाम, खांसी और बुखार होता है। फिर यह बुखार निमोनिया का रूप ले सकता है और निमोनिया किडनी से जुड़ी कई तरह की दिक्कतों को बढ़ा सकता है। इस वायरस कि सबसे खास बात यह है कि यह किसी भी संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है।

कोरोना वायरस के लक्षण (Corona virus Symptoms, Causes)

कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर सबसे पहले सांस लेने में दिक्कत, गले में दर्द, जुकाम, खांसी और बुखार होता है. यह बुखार फिर निमोनिया का रूप ले लेता है, जो कि किडनी से जुड़ी तमाम परेशानियों को बढ़ा देता है.

कोरोना वायरस (Corona Virus) से बचाव

विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, कोरोना वायरस को रोकने के लिए सबसे अच्छी नीति समुद्री भोजन से बचना है. कोरोना वायरस से बचाव को लेकर अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है. कहीं भी बाहर से आने या कुछ भी खाने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह साफ करें. साफ सफाई बहुत जरूरी है.

कोरोना वायरस को रोकने के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है, इसलिए डॉक्टर जोखिम को कम करने के लिए अन्य महत्वपूर्ण दवाओं का उपयोग कर रहे हैं। कोरोना वायरस अगर लंबे समय तक अपना प्रभाव बनाए रखने में सफल हो जाए या घातक स्तर पर पहुंच जाए तो जान के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

कितना खतरनाक है ये (Corona Virus) वायरस ?

कोरोना वायरस (Corona Virus) से संक्रमित व्यक्ति अथवा मरीज़ को सांस संबंधी तकलीफ, बुखार, सुखी खांसी, नाक से पानी आना, आदि की परेशानी होती है। अगर प्राथमिक स्तर पर ही इसका ईलाज किया जाए, तो इससे होने वाली अप्राकृतिक संकट को टाला जा सकता है।

वहीं, अगर प्राथमिक स्तर पर वायरस की पहचान नहीं हो पाती है, या उपचार नहीं हो पाता है, तो ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। कई केसों में ये बीमारी घातक हो सकती है। जिसमें अगर मरीज वृद्ध हो, अथवा मरीज को डायबिटीज़ और दिल की बिमारियों हो। उनके लिए कोरोना वायरस अभिशाप जैसा है।

कैसे फैला कोरोना वायरस (Corona Virus)

दैनिक जागरण की खबर के अनुसार  शोधकर्ताओं ने कोरोना के लिए पैंगोलिन को जिम्मेदार ठहराया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, कोरोना से पीड़ित मरीज और पैंगोलिन में मौजूद इस वायरस का आनुवांशिक अनुक्रम 99 फीसद समान है। हालांकि अभी तक यह शोध प्रकाशित नहीं हुआ है। चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप की जांच में जुटे शोधकर्ताओं का कहना है कि लुप्तप्राय पैंगोलिन चमगादड़ों और मनुष्यों के बीच की गायब कड़ी हो सकते हैं। चमगादड़ों को इस बीमारी का नवीनतम वाहक माना गया है।

आनुवांशिक विश्लेषण के मुताबिक, मनुष्यों में फैला वायरस 96 फीसद चमगादड़ों के समान था। फ्रांस के पाश्चर इंस्टीट्यूट के अरनोड फांटेनेट के अनुसार, यह बीमारी चमगादड़ों से सीधे मनुष्य तक नहीं पहुंचती है बल्कि हमें लगता है कि कोई अन्य जानवर इसका मध्यस्थ है। पैंगोलिन स्तनधारी प्राणी है, जिसके शरीर पर शल्क (स्केल) जैसी संरचना होती है। इसी के जरिए यह अन्य प्राणियों से खुद की रक्षा कर पाता है।

फिलहाल ऐसे शल्क दुनिया में सिर्फ इसी के पास होते हैं। चींटी और दीमक खाने के कारण इसे चींटीखोर भी कहा जाता है। यह संरक्षित जानवर हैं। दुनिया में सर्वाधिक तस्करी इसी जीव की होती है। इसी कारण यह गंभीर संकट में हैं। इसका उपयोग पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति में किया जाता है। इसके कुछ हिस्सों का उपयोग त्वचा और गठिया के साथ कई अन्य रोगों में किया जाता है। चीन में पैंगोलिन बेचने वालों को 10 या उससे ज्यादा की सजा हो सकती है।

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