क्या है राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन? ग्रीन हाइड्रोजन दिलाएगा भविष्य में पेट्रोल , डीज़ल से छुटकारा…

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हमे अक्सर पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामो के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है । बढ़ते पेट्रोल और डीज़ल के दाम आकसर हमारी रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करते है । केंद्रीय बजट 2021-22 के तहत एक राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन (National Hydrogen Energy Mission-NHM) की घोषणा की गई है, जो हाइड्रोजन को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में उपयोग करने के लिये एक रोडमैप तैयार करेगा। इस पहल में परिवहन क्षेत्र में बदलाव लाने की क्षमता है।

ग्रीन हाइड्रोजन दिलाएगा भविष्य में पेट्रोल, डीज़ल से छुटकारा

राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन में हरित ऊर्जा संसाधनों से हाइड्रोजन उत्पादन पर ज़ोर देने ,भारत की बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षमता को हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ने के बारे में कहा गया है । वर्ष 2022 तक भारत के 175 GW के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य को केंद्रीय बजट 2021-22 से प्रोत्साहन मिला है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा विकास और NHM के लिये 1500 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
हाइड्रोजन का उपयोग न केवल भारत को पेरिस समझौते के तहत अपने उत्सर्जन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करेगा, बल्कि यह जीवाश्म ईंधन के आयात पर भारत की निर्भरता को भी कम करेगा।


हाइड्रोजन क्या होता है?

आवर्त सारणी पर हाइड्रोजन पहला और सबसे हल्का तत्त्व है। चूँकि हाइड्रोजन का वज़न हवा से भी कम होता है, अतः यह वायुमंडल में ऊपर की ओर उठती है और इसलिये यह शुद्ध रूप में बहुत कम ही पाई जाती है।
मानक तापमान और दबाव पर हाइड्रोजन एक गैर-विषाक्त, अधातु, गंधहीन, स्वादहीन, रंगहीन और अत्यधिक ज्वलनशील द्विपरमाणुक गैस है। हाइड्रोजन ईंधन एक शून्य-उत्सर्जन ईंधन है (ऑक्सीजन के साथ दहन के दौरान)। इसका उपयोग फ्यूल सेल या आंतरिक दहन इंजन में किया जा सकता है। यह अंतरिक्षयान प्रणोदन के लिये ईंधन के रूप में भी उपयोग किया जाता है।

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कौन -कौन से देश करते है हाइड्रोजन फ्यूल का इस्तेमाल

एशिया-प्रशांत उप-महाद्वीप में जापान और दक्षिण कोरिया हाइड्रोजन नीति बनाने के मामले में पहले पायदान पर हैं।
वर्ष 2017 में जापान ने बुनियादी हाइड्रोजन रणनीति तैयार की, जो इस दिशा में वर्ष 2030 तक देश की कार्ययोजना निर्धारित करती है और जिसके तहत एक अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति शृंखला की स्थापना भी शामिल है।
दक्षिण कोरिया अपनी ‘हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था विकास और हाइड्रोजन का सुरक्षित प्रबंधन अधिनियम, 2020’ के तत्त्वावधान में हाइड्रोजन परियोजनाओं तथाहाइड्रोजन फ्यूल सेल (Hydrogen Fuel Cell) उत्पादन इकाइयों का संचालन कर रहा है।

दक्षिण कोरिया ने ‘हाइड्रोजन का आर्थिक संवर्द्धन और सुरक्षा नियंत्रण अधिनियम’ भी पारित किया है, जो तीन प्रमुख क्षेत्रों – हाइड्रोजन वाहन, चार्जिंग स्टेशन और फ्यूल सेल से संबंधित है। इस कानून का उद्देश्य देश के हाइड्रोजन मूल्य निर्धारण प्रणाली में पारदर्शिता लाना है।

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