Wikileaks के संस्थापक जूलियन असांज को लंदन पुलिस ने किया गिरफ्तार

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दुनिया भर के कई देशों से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों का खुलासा कर सनसनी मचने वाले वाले संगठन विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को इक्वाडोर के लंदन स्थित दूतावास से गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। असांज की गिरफ्तारी से पहले इक्वाडोर ने उनका शरणार्थी का दर्जा वापस ले लिया था। वह यौन उत्पीड़न के एक मामले में स्वीडन प्रत्यर्पित किये जाने से बचने के लिए सात वर्ष से इक्वाडोर के दूतावास में शरण लिये हुए थे। द गार्जियन के अनुसार 47 वर्षीय असांजे ने जब अदालत में आत्मसमर्पण नहीं किया तब 29 जून 2012 को अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर गुरुवार को उन्हें गिरफ्तार किया गया।

इक्वाडोर के राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने टि्वटर पर कहा, “श्री असांजे द्वारा अंतरराष्ट्रीय संधि का बार-बार उल्लंघन किये जाने के बाद उनका शरणार्थी का दर्जा वापस ले लिया गया है।”

 मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा, “असांजे को लंदन के पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया है, जहां वह अदालत के समक्ष पेश किये जाने तक रहेंगे।”

वहीँ विकीलीक्स ने दावा किया है कि मोरेनो ने अवैध रूप से श्री असांजे का शरणार्थी दर्जा वापस लिया है।

कई आरोपों में घिरे हैं जूलियन असांज (Julian Assange)

असांज पर 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के दौरान हस्तक्षेप का आरोप भी लगा। विकिलीक्स ने तब डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की टीम की कई ऐसे गोपनीय मेल सार्वजनिक कर दिए जो चुनावी अभियान से जुड़े थे और इसका सीधा असर चुनावों पर भी पड़ा। असांज पर आरोप लगा कि उन्होंने रूस की मदद से ये गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए।
2010 में असांज पर स्वीडन की दो महिलाओं ने रेप और यौन शोषण का आरोप लगाया जिसके बाद उनके खिलाफ स्वीडन की एक अदालत ने अरेस्ट वारंट भी जारी किया।

कौन है जूलियन असांज (Julian Assange)

3 जुलाई 1971 को ऑस्ट्रेलिया में जन्मे अंसाज को हैकिंग में महारथ हासिल है। जूलियन असांज एक कंप्यूटर प्रोग्रामर के तौर पर भी जाने जाते हैं। बचपन से ही उन्हें हैकिंग का बड़ा शौक था। 1991 में असांज ने कनाडा की एक टेलीकॉम कंपनी के सिस्टम को हैक कर लिया था। करीब एक दशक तक जूलियन असांज ने कई प्रोग्रामिंग पर काम करते रहे। 2006 में उन्होंने विकिलीक्स ( wikileaks।org) की शुरूआत की तांकि वह बिना ट्रेस में आए बगैर इंटरनेट पर गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक कर सके। उसके बाद उन्होंने अपनी वेबसाइट की जरिए ऐसे-ऐसे खुलासे किए कि विश्वभर में तहलका मच गया। विश्व की कई सरकारों की गोपनीय जानकारियों को अपनी वेबसाइट पर डाला तो मानों वैश्विक जगत में भूकंप आ गया। इसे लेकर काफी बवाल भी हुई।

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